शिवकथा में सुनाई जीवन की अंतिम बात, बोले ‘बुलावा कभी भी आ सकता है’, और चल बसे

Madhya Pradesh News

Madhya Pradesh News:  मध्य प्रदेश के ब्यावरा स्थित राधाकृष्ण मंदिर में चल रही सात दिवसीय शिवमहापुराण कथा में एक हृदयविदारक घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया।(Madhya Pradesh News) इंदौर से आए प्रसिद्ध कथावाचक पंडित राकेश व्यास ने मंगलवार को कथा के दौरान श्रोताओं से कहा, “भगवान के यहां से कभी भी बुलावा आ सकता है, एक दिन सभी को जाना ही है।”

“कल मैं रहूं या न रहूं…” — अंतिम दिन की भावुक वाणी

कथा के बीच उन्होंने कहा, “जिंदगी रंज-ओ-गम का मेला है। कल मैं रहूं या न रहूं, तुम रहो या न रहो, कथा का श्रवण कर लीजिए। राजा हो, रंक हो या फकीर, सभी को एक दिन जाना है।”

सुबह मिली दुखद खबर

बुधवार की सुबह आयोजन समिति के सदस्य कालूराम गुर्जर जब उन्हें चाय देने पहुंचे, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्हें तुरंत नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने साइलेंट हार्ट अटैक से मृत्यु की पुष्टि की। इस घटना ने कथा के हर श्रोता को भीतर तक झकझोर दिया। पंडित राकेश व्यास की आखिरी वाणी ने जीवन की अनिश्चितता और अध्यात्म की गहराई का वास्तविक एहसास करवा दिया।

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